रविवार, नवंबर 26

फेंको मत, फेंकें नहीं हमें दे "आश्रय पालना" आगरा मे

आगरा राजकीय मेडिकल कॉलेज में भारत का इगहोतरवा और उत्तरप्रदेश का तीसरा आश्रय पालना स्थल "अनचाहे नवजात शिशुओं के जीवन रक्षार्थ" महेशाश्रम, मां भगवती विकास संस्थान, उदयपुर द्वारा अपने "जीवन संरक्षण अभियान" के तहत आदरणीय श्री राहुल जी अग्रवाल, प्रबंध निदेशक, पैसिफिक ग्रुप के आर्थिक सहयोग से स्थापित किया गया। जिसका उद्घाटन 21 अप्रैल 2023 को किया गया जिसका लोकार्पण माननीय कैबिनेट मंत्री, उच्‍च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, उत्तरप्रदेश श्री योगेन्द्र उपाध्याय जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर आदरणीय श्री श्याम जी भाई साहब, प्रांत सह मंत्री, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बौद्धिक प्राप्त हुआ।

आदरणीय आनंद जी भाई साहब, विभाग प्रचारक एवम् आदरणीय राम जी भाई साहब, भाग प्रचारक का समस्त स्वयंसेवकों के साथ, एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री भाई श्री आशीष जी का समस्त साथियों के साथ, प्रिंसिपल राजकीय मेडिकल कॉलेज, आगरा आदरणीय डाक्टर प्रशांत जी गुप्ता भाई साहब का अपने समस्त साथियों के साथ 'विशेष रूप से डॉक्टर कमल जी भारद्वाज' का पारिवारिक रूप से आत्मिक स्नेह एवम् साथ प्राप्त हुआ। 

आगरा आश्रय पालना स्थल में स्थापना के अगली ही रात्रि एक नवजात कन्या का "गुप्त सुरक्षित परित्याग" किया गया। 

ध्यान से देखिए अपनी बेटी को, "आश्रय पालना" में कितनी सुकून से सो रही हैं। जैसे की उसे यह अच्छे से अहसास हैं की अब वह पूर्ण रूप से सुरक्षित हाथों में हैं और अब उसे स्नेह के साथ जीने का भी और बढ़ने का भी पूर्ण अवसर प्राप्त होगा।

महेशाश्रम, मां भगवती विकास संस्थान द्वारा संचालित जीवन संरक्षण अभियान की यह मुहिम उत्तरप्रदेश में भी सफलता की ओर अग्रसर हैं। विश्वास हैं सामूहिक प्रयासों से हम जल्दी ही सम्पूर्ण उत्तरप्रदेश में हर उस मासूम तक पहुंचने में सफल होंगे जिन्हें हमारी जरूरत हैं, जिनकी हमे जरूरत हैं, जिनसे हम हैं।

फेंकें नहीं हमें दे फेंकें नहीं हमें दे .... महेशाश्रम जीवन संरक्षण अभियान





शनिवार, नवंबर 25

आपका वोट महत्त्वपूर्ण है। मतदान अवश्य करें।

       मतदान अवश्य करें ...

क्योंकि

2008 में राजस्थान की नाथद्वारा सीट से सी. पी. जोशी मात्र एक वोट से चुनाव हार गय थे। उनके ड्राइवर को वोट डालने का समय नहीं मिला।

क्योंकि

1776 में अमेरिका में एक वोट ज्यादा मिलने से जर्मन भाषा के स्थान पर अंग्रेज़ी राजभाषा बनी।

क्योंकि

1999 में वाजपेयी सरकार मात्र एक वोट से गिर गयी थी। आपके एक वोट की ताकत जब सरकार तक गिर गई

1999 : जब अटल को छोड़ना पड़ा पीएम पद

केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की गठबंधन सरकार थी। सरकार बने 13 महीने ही बीते थे कि सहयोगी दल एआईएडीएमके ने समर्थन वापस ले लिया। सरकार को सदन में विश्वास मत साबित करना पड़ा। जिसमें पक्ष में 269 और विपक्ष में 270 वोट पड़े। महज एक वोट के कारण वाजपेयी सरकार गिर गई।

क्योंकि

1917 में सरदार पटेल अहमदाबाद म्यूनसिपल कारपोरेशन का चुनाव मात्र एक वोट से हार गये थे।

क्योंकि

1923 में एक वोट ज्यादा मिलने से हिटलर नाजी़ पार्टी का प्रमुख बना ओर हिटलर युग की शुरुआत हुई।

क्योंकि

1875 में फ्रांस में मात्र एक वोट से राजतंत्र के स्थान पर गणतंत्र आया।

आपका वोट महत्त्वपूर्ण है। मतदान अवश्य करें।

शुक्रवार, नवंबर 24

मतदान के लिए निर्वाचक पहचान पत्र के अतिरिक्त 12 अन्य दस्तावेज मान्य

क्या आप जानते हैं कि अगर आपके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है फिर भी आप वोट दे सकते हैं आईए जानते हैं वह कौन से डॉक्यूमेंट है जिनके आधार पर भी हम वोट का प्रयोग कर सकते हैं।

राज्य विधानसभा आम चुनाव 2023 के लिए आगामी 25 नवम्बर को होने वाले मतदान में निर्वाचक फोटो पहचान पत्र की उपलब्धता के अभाव में भी मतदाता वैकल्पिक पहचान दस्तावेज दिखाकर वोट डाल सकेंगे।।

1. आधार कार्ड।

2. मनरेगा जॉब कार्ड।

3. ड्राइविंग लाइसेंस।

4. पैन कार्ड ।

5. भारतीय पासपोर्ट ।

6. फोटो युक्त पेंशन दस्तावेज।

7. बैंक और डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक।

 8. श्रम मंत्रालय द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड।

9. एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड।

10. केंद्र और राज्य सरकार, लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी फोटो युक्त सेवा पहचान पत्र

11. सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के राजकीय पहचान पत्र।

12. समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी यूनिक डिसेबीलिटी आईडी कार्ड।