सोमवार, मार्च 29

यह एक अद्भुत विदाई है

"Kisi Ne bilkul theek kaha hai ki acche log Hamesha Logon ke Dilo me rahte hai" 

एक बार फिर से मैं आप सभी का स्वागत करता हूं अपने ब्लॉग एक्टिव लाइफ पर जहां मैं अपने दिल की बात रखता हूंं आप लोगों बीच जिन से मैं बहुत ज्यादा प्रभावित होता हूं फिर वह मेरे साथ ऑनलाइन काम कर रहा है या ऑफलाइन बस मुझे व्यक्तित्व समझ में आना चाहिए जिनको मैं हमेशा दिल से नमन करता हूं ऐसे ही शख्सियत के बारे में आज लिखने जा रहा हूं अपनी विशेष पोस्ट में.....
❤️ यह अद्भुत विदाई है हमारे रिलायंस ट्रेंड्स एम जी रोड स्थित स्टोर मैनेजर श्री यशपाल सिंह सर की 
आपके कुशल नेतृत्व को दर्शा रहा है। यह दिखा रहा है कि यह ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ एवं न्यायप्रिय है। यह गरिमामयी अद्भुत विदाई इन्हें बड़े त्याग, बलिदान एवं पौरुष के बाद प्राप्त हुई होगी। आपके साथ मात्र 12 दिन के कार्यकाल से मैंने यह अनुभव किया जो मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण है हालांकि आपके साथ रहकर काम करने का मौका मुझे बहुत कम मिला पर जो समय आपके साथ बिता वह अद्भुत है मेरे रिटेल कैरियर में आपके साथ मात्र कुछ ही दिनों में एक भावनात्मक जुड़ाव हुआ। अपने रिटेल कैरियर की पिछले 6 साल की बात करूँ तो मुझे बहुत कम लोग मिलें है । जिनसे मैं इतना प्रभावित हुआ। मेरी दिल से हार्दिक इच्छा है कि मुझे आपके साथ काम करने का फिर मौका मिले तो आपसे बहुत कुछ सीखना है लाइफ में आप जैसा व्यक्तित्व बहुत कम लोगों में मैंने देखा है जिनके अंदर किसी प्रकार का छलावा नहीं था। किसी भी स्टाफ के लिए यह सब आपके व्यक्तित्व पर निर्भर करता है कि आप कितने प्रभावशाली रूप से कार्य करते हैं क्योंकि अच्छे लोग हमेशा जाने के बाद भी लोग उन्हें याद करते हैं और वह सभी के दिलों में रहते हैं। और आपका व्यक्तित्व बिल्कुल ऐसा ही है। 

आपने अपने स्टोर से जाते वक्त जो संवाद किया स्टाफ के साथ वह काफी प्रभावशाली था मैं मानता हूं आपके संवाद से कई लोगों के जीवन में एक नई रोशनी लाएगा अगर जिसने भी आपकी इन बातों को अगर फॉलो किया तो यह पूरा वीडियो आप देख पाएंगे मेरे यूट्यूब चैनल Rajpurohit Samaj India पर जिसका लिंक में नीचे दे रहा हूं ।


ऐसे कुछ और नाम है जिनका में आज इस पोस्ट में नाम लेना जरूरी समझता हूं जिन्होंने मुझे दिल से बहुत प्रभावित किया अपने काम से  जिनके साथ मुझे काम करके वाकई एक शानदार और अनुभव किया उनमें सर्वप्रथम है पूर्व स्टोर मैनेजर श्रीमान आशीष दुबे जी, फिलहाल आप लैंडमार्क ग्रुप में एरिया मैनेजर है। श्रीमान अतुल कुशवाहा जी जिन्हें मैं अपना रिटेल का गुरु मानता हूं साथ ही श्रीमान रईसुद्दीन जी आपका व्यक्तित्व बहुत निराला है जो मुझे काफी प्रभावित किया । आप सभी के साथ काम करने का जो मेरा अनुभव है वह काफी अच्छा रहा आशा करता हूं आप सभी के साथ मुझे दोबारा काम करने का मौका मिले। 

मेरे कुछ सीनियर है जिनकी मैं दिल से आदर और सम्मान करता हूं। श्रीमान अभिराम मिश्रा जी, श्रीमान योगेश्वर राय जी, श्रीमान कुंदन जी , श्रीमान सुरेश श्रीवास्तव जी का मार्गदर्शन मुझे समय-समय पर मिलता रहता है


किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व को पहचानने के लिए
❤️ ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ, विश्वासपात्र, जिम्मेदार, न्यायप्रिय ये तो मात्र शब्द आभूषण हैं, पर इन कुछ शब्दों के आभूषणों को प्राप्त करने में व्यक्ति को अपना पूरा जीवन तपाना पड़ता है,  तब जाकर ये आभूषण प्राप्त होते हैं और  "यही जीवन के वास्तविक आभूषण हैं" , जिसे हर व्यक्ति को अपने जीवन में प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए।    

मेरे पिताजी सदैव एक बात बोलते हैं "ईमानदारी से किया हुआ कार्य हमेशा लोगों को याद रहता है और अपनों से बिछड़ने का कष्ट भी उन्हें होता है ईमानदारी की चमक है"

 अंत में सिर्फ इतना ही बोलूंगा "ऐसे मस्त फकीर (दिल के अच्छे लोग) अपनी छाप लोगो के मन मष्तिष्क पर छोड़ अपने अगले अभियान के लिए प्रस्थान कर जाते हैं। यह हमेशा अपनी लगन में मगन रहने वाले लोग हैं इसे धूर्त और बेईमान नहीं समझ सकेंगे।" 

हम सब की शुभकामनाएं आपके साथ हैं

आपको मेरा ह्रदय से नमन।🙏

पार्ट ऑफ एस एम सीरीज 3

आपका सवाई सिह राजपुरोहित

साल भर आपकी जेब इन सातों रंग से भरी रहे यही मेरी होली की हार्दिक शुभकामनाएं हैं।

 Aap Sabhi mitron parivarik janon ko Holi ke mahaparv ki hardik shubhkamnaen yah Sal aapke liye Hamesha Ki Tarah aur behtarin sal ho aapko Unnati aur tarkki Karen Aisi main upar wale the Dua karta hun . 

Radha Ka Rang Aur Kanha Ki Pichkari
Pyaar Ke Rang Se Rang Do Duniya Sari
Ye Rang Na Jane Koi Jaat Na Koi Boli
Mubarak Ho Aapko Rang Bhari Holi

Suganna Foundation Parivari ki taraf se Holi ki hardik shubhkamnaen......

saal Bhar aapki Jeb in sato rangon Se Bhari Rahe Yahi Meri Holi ki hardik shubhkamnaen..






शुक्रवार, मार्च 12

केवल हिंदू ही नहीं बल्कि अन्य धर्म .....गो-हत्या को पाप कहा गया.

आपने मेरी पिछली पोस्ट में "गौ ह्त्या के चंद कारण और हमारे जीवन में भूमिका"के बारे देखा था इस बार भी मैं आपके लिए
हिंदू धर्म

देवता भी गो पूजा करते हैं । गाय में सब देवताओं का दिव्यत्व है । एक धर्मपूर्ण दिन का आरंभ उसकी पूजा से होता है । विभिन्न धार्मिक त्योहारों में उसकी प्रमुखता है । विशेषतः संक्रांति और दीपावली गाय से जुड़े उत्सव हैं । विभिन्न अनुष्ठानों में गव्य उत्पाद आवश्यक हैं । इस प्रकार गाय हमारे जीवन का अभिन्न अंग है ।

वेद पुराणों में गाय

यः पौरुषेण क्रविषा समंक्ते यो अश्वेन पशुना यातुधानः ।

ये अघ्न्याये भरति क्षीरमग्ने तेषां शीर्षाणि हरसापि वृश्चः ॥

हे अग्निदेव ! अपनी लपटों से उन दानवों के सर जला दो, जो मनुष्यों और घोड़े और गाय जैसे प्राणियों का मांस भक्षण करते और गाय का दूध चूसते हैं । (रिक संहिता ८७-१६१)

प्रजापतिर्मह्यमेता रराणो विश्वैर्देवैः पितृभिः संविदानः ।

शिवाः सतीरुप नो गोष्ठमाकस्तासां वयं प्रजया संसदेम ॥

हे परमेश्वर, अन्य सब देवताओं के साथ हमारी खुशी के लिये शुभ और विशाल गो स्थान बनाकर उन्हें गाय और बछड़ों से भर दें । हम गो धन का आनंद लें और गायों की सेवा करें । (रिक संहिता १० १६९-४)

सा विश्वाय़ूः सा विश्वकर्मा सा विश्वधायाः।

गायें यज्ञों में रत सभी ऋषियों और यज्ञों के आयोजकों के आयुष्य को बढ़ायें । गाय यज्ञ के सभी संस्कारों का समन्वय करती है । अपने दूध के नैवेद्य से गाय यज्ञ के सभी देवताओं को संतुष्ट करती है । (शुक्ल यजुर्वेद १-४)

आ गावो अग्मन्नुत भद्रकम्रन् सीदंतु गोष्मेरणयंत्वस्मे ।

प्रजावतीः पुरुरूपा इहस्स्युरिंद्राय पूर्वीरुष्सोदुहानाः ॥

यूयं गावो मे दयथा कृशं चिदश्रीरं चित्कृणुथा सुप्रतीकम् ।

भद्र गृहं कृणुथ भद्रवाचो बृहद्वो वय उच्यते सभासु ॥

गो माताओं ! तुम अपने दूध और घी से दुर्बलों को बलिष्ठ बनाती हो और रोगियों को स्वस्थ । अपनी पवित्र वाणी से तुम हमारे घरों को शुद्ध करती हो । सभाओं में तुम्हारा गुणगान होता है । (अथर्ववेद ४-२१-११ और ६)


सिख धर्म

सिख मत में गो रक्षण
दसवें गुरु गोविंद सिंह ने पंडित पृथ्वीराज को बताया कि खालसा पंथ की स्थापन अर्थव्यवस्था की देखभाल, अच्छे व्यवहार, गायों, ब्राह्मणों और दलितों की रक्षा के लिये किया गया ।
गुरु गोविंद सिंह के प्रथम गुरु न केवल गाय बल्कि किसी भी प्राणी के वध के विरुद्ध थे ।
१८७१ में ३,१५,००० सिखों ने गुरु रामसिंह के नेतृत्व में गोवध प्रतिबंध हेतु अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन किया था




बौद्ध धर्म में गो रक्षण

गौतम बुद्ध ने गायों के महत्व और उपयोगिता की शिक्षा दी । उन्होंने गो हत्या का विरोध किया और गो पालन को अत्यंत महत्व दिया ।
यथा माता सिता भ्राता अज्ञे वापि च ज्ञातका ।

गावो मे परमा मित्ता यातु जजायंति औषधा ॥

अन्नदा बलदा चेता वण्णदा सुखदा तथा ।

एतवत्थवसं ज्ञत्वा नास्सुगावो हनिं सुते ॥

माता, पिता, परिजनों और समाज की तरह गाय हमें प्रिय है । यह अत्यंत सहायक है । इसके दूध से हम औषधियाँ बनाते हैं । गाय हमें भोजन, शक्ति, सौंदर्य और आनंद देती है । इसी प्रकार बैल घर के पुरुषों की सहायता करता है । हमें गाय और बैल को अपने माता-पिता तुल्य समझना चाहिए । (गौतम बुद्ध)
गोहाणि सख्य गिहीनं पोसका भोगरायका ।

तस्मा हि माता पिता व मानये सक्करेय्य च् ॥ १४ ॥

ये च् खादंति गोमांसं मातुमासं व खादये ॥ १५ ॥

गाय और बैल सब परिवारों को आवश्यक और यथोचित पदार्थ देते हैं । अतः हमें उनसे सावधानी पूर्वक और माता पिता योग्य व्यवहार करना चाहिए । गोमांस भक्षण अपनी माता के मांस भक्षण समान है । (लोकनीति ७)

जैन धर्म में गो रक्षण

भगवान महावीर

जैन धर्म का मूलाधार अहिंसा होने के कारण जैन लोग गाय तो क्या, किसी पशु-पक्षी को कष्ट नहीं पहुँचाते ।
जब जैन धर्म चरम पर था तो जैनी गो रक्षा में सक्रिय थें । उन्होंने विशाल गोशालाएँ निर्मित की और गो पालन को जीवन शैली बनाया । गायों पर क्रूरता, उन्हें भूखा रखना, बोझ से लादना, अंग भंग, सभी पर कानूनी प्रतिबंध था ।
गायों की संख्या से किसी के धन का आकलन होता था । एक व्रज गौकुल = १०,००० गायें । सर्वाधिक गायों के १० स्वामियों को राजगृह महाशतकएवं काशियचुलनिपिताकहाँ जाता था ।
महावीर ने अपने अनुयायियों को ६०,००० गायों के पालन का आदेश दिया था ।
आनंद ने महावीर का अनुयायी बनकर ८ गोकुल संचालित करने का संकल्प लिया ।


गुरुवार, मार्च 11

प्रेम के लिए रुतबा नही। एक दिल ही काफी है

 करुणा ही सृष्टि का आधार है, जब जब धरती से करुणा, दया, सहयोग की जितनी मात्रा मनुष्य कम करेगा उसे कुदरत के कोप का शिकार भी उतनी मात्रा में होना पड़ेगा। 

इसलिए मनुष्य को इस प्रकार के कार्य सदैव करते रहना चाहिए प्रेम के लिए रुतबा नहीं सिर्फ एक छोटा सा दिल ही काफी है यह फोटो मैंने फेसबुक पर देखा सोचा आप लोगों के साथ शेयर करूं



बुधवार, मार्च 10

दुनियां में देवर को ज़िन्दगी देने वाली ऐसी भाभी जन्म लेने में टाईम लगेगा

आज इस महिला ने देश में एक मिसाल कायम की है जिस पर गर्व होना जरूरी है एकता की भी मिसाल है एक देवर के लिए किडनी देना बहुत ही सराहनीय कार्य किया है काल व्हाट्सएप पर यह न्यूज़ पेपर जो मैंने पढ़ा तो वाकई बहुत ही अच्छा लगा सोचा इस खबर को मैं आप सभी के साथ शेयर करू।

 भगवान ऐसी भाभी मां के अवतार रूप में सबको मिले और भगवान से दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि उस देवी को हमेशा सलामत रखे उस देवी को सब दुनिया की उम्र लग जाय अभी तक इस दुनियां में देवर को ज़िन्दगी देने वाली ऐसी भाभी जन्म लेने में टाईम लगेगा। 



शनिवार, मार्च 6

लॉकडाउन का सही इस्तेमाल करते हुए बनाई अपनी एक अलग पहचान।

जैसा कि आप सभी को मालूम है 8 मार्च को महिला दिवस आ रहा है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज की यह पोस्ट विशेष ... 

 समय बदल रहा है। महिलाएं पुरुषों के साथ साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी धाक जमाई है। परिवार के साथ समाजसेवा में भी वह पीछे नहीं हैं। शहर में कई महिलाएं ऐसी भी हैं जो परिवार के साथ समाजसेवा में भी जुटी हैं। इसके बूते उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई हैं। 

एक ओर जहां लॉकडाउन में महिलाएं, अपने घरों के कामों में व्यस्त थी वहीं दूसरी तरफ "श्रीमती शशी सोंखिया" अपने इस समय का सही इस्तेमाल करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।

श्रीमती शाशी ने इंस्टाग्राम पर @talkwithsimmy पेज से वह एक प्रेरक वक्ता और फ्रीलांसर पत्रकार के रूप में ऑनलाइन कार्य कर रही हैं। अपने परिवार की जिम्मदारियो के साथ साथ वह दूसरों को भी उनकी परेशानियों से सम्बन्धित सही सलाह देते हुए उनकी सहायता कर उनकी मदद कर रही हैं।

इस पेज को शुरू करने का उनका एक ही मकसद है कि "वह दूसरों की ज्यादा से ज्यादा मदद कर सके।"

अभी तक वह 28 से ज्यादा लाइव सत्र और 200 से ज्यादा लोगो की मदद कर चुकीं है ओर आगे भी करते रहना चाहती हैं।

 श्रीमती शशि सोंखिया ने बताया इसकी प्रेरणा उनको सामाजिक संगठन सुगना फाउंडेशन मेघलासिया की अध्यक्षा श्रीमती संतोष राजपुरोहित से मिली और वह चाहती हैं कि उनके जैसी और भी शादीशुदा महिलाएं अपनी रुचि के अनुरूप कार्य करे। 

श्रीमती शशी सोंखिया (नवी मुंबई महाराष्ट्र भारत).


SM series 2 se

शुक्रवार, मार्च 5

मिठाइयों पर गौर कीजिए, कुछ ना कुछ संदेश देती है..

 हमारी मिठाइयों पर गौर कीजिए, कुछ ना कुछ संदेश देती है..😊😇

जैसे


1️⃣ जलेबी

आकार मायने नहीं रखता, स्व भाव मायने रखता  है, 

जीवन मे उलझने कितनी भी हो, रसीले और मधुर रहो॰॰


2️⃣ रसगुल्ला

कोई फर्क नहीं पड़ता कि,

जीवन आपको कितना निचोड़ता है,

अपना असली रूप सदा बनाये रखें


3️⃣ लड्डू

बूंदी-बूंदी से लड्डू बनता, छोटे-छोटे प्रयास से ही सबकुछ होता हैं!

सकारात्मक प्रयास करते रहे.


4️⃣ सोहन पापड़ी

हर कोई आपको पसंद नहीं कर सकता, लेकिन बनाने वाले ने कभी हिम्मत नहीं हारी।

अपने लक्ष्य पर टिके रहो ॰॰


5️⃣ काजू कतली

अपने आप को इतना सस्ता ना रखे,

की राह चलता कोई भी आपका दाम पूछता रहे !

आंतरिक गुणवत्ता हमें सबसे अलग बनाती है


6️⃣ गुलाब जामुन

सॉफ्ट होना कमजोरी नहीं है! ये आपकी खासियत भी है।

नम्रता यह एक विशेष गुण है


7️⃣ बेसन के लड्डू

यदि दबाव में बिखर भी जाय तो, फिरसे बंधकर लड्डु हुआ जा सकता है।

परिवार में एकता बनाए रखें ॰॰


आप सभी का हर दिन, इन्हीं मिष्ठान्नों की भाँति, मधुर एवं मंगलमय हो...🙏😊