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बुधवार, अक्तूबर 2

गांधी जयंती पर रिलायंस ट्रेंड्स के कर्मचारियों द्वारा सफाई व वृक्षारोपण किया गया है।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के 150वे जन्म दिवस के मौके पर रिलायंस ट्रेंड्स सिकंदरा बोदला आगरा पर साफ सफाई का कार्यक्रम रखा गया जहां पर रिलायंस ट्रेंड्स के कर्मचारियों द्वारा सफाई व वृक्षारोपण किया गया है।

  इस मौके पर रिलायंस स्टोर आगरा के डीएम श्री रहीसुद्दीन ने कर्मचारियों को साफ सफाई का महत्व और नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति से स्वच्छता का संदेश दिया। नाटक में कचरा प्रबंधन से लेकर घर और कार्यस्थल पर साफ-सफाई रखने और उसके फायदे के बारे में बताया गया  



 इस मौके पर कंपनी कर्मचारियों में सवाई सिंह राजपुरोहित, अमन राजोरिया, प्रकाश दीप, संदीप शर्मा, सुमित वर्मा, विनय, गौरव रावत, आयुष शर्मा, अजय, राहुल कुमार, राजकुमार, दीपक पाराशर, मनोज, संजय, सुनिल कुमार, अरुण शर्मा, प्रियांशु , अमन वर्मा, कौशल, जयप्रकाश, घनश्याम, अविनाश, कीर्ति कुमारी  इशिका सक्सेना, रिंकी पाल, रेखा कुमारी, प्रीति आदि कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। 

शुक्रवार, सितंबर 27

माँ की गोद से नीचे उतरो तो पता चले कि दुनिया कितनी क्रूर और निर्दयी है

     बाप के बने घर से बाहर निकलो तो पता चले कि दुनिया मे कितना संघर्ष करना पड़ता है और माँ की गोद से नीचे उतरो तो पता चले कि दुनिया कितनी क्रूर और निर्दयी है...
#निःशब्द
  
        यह दुनिया बहुत जालिम है और दोस्तों आपको जीवन में संघर्ष तो हमेशा करते ही रहना है तभी आप आगे बढ़ पाएंगे क्योंकि यह दुनिया शरीफ लोगों को तो जीने भी नहीं देती गुलाम बने रहोगे तो जिंदगी को आगे जीने का मौका मिलता रहेगा लेकिन मेरा मानना है कि गुलामों की जिंदगी से जीने से अच्छा है संघर्ष की जीवन जियो...

...✍ और चलते चलते यह दो शब्द जो मेरे दिल के भाव है हमेशा करने का प्रयास करता हूं और आगे भी करता रहूंगा अपनी वाणी इन दो शब्दों के साथ खत्म करता हूं।

छू ना सको "आसमान" 
तो ना सही ....

किसी के "दिल" को छूने का आनन्द भी आसमान छूने से कम नहीं ।


        

मंगलवार, सितंबर 3

मंदी का रोना मत रोइए, यूं कहिए *ईमानदारी* से कमाने में मेहनत ज्यादा करनी पड़ रही है

मंदी है तो, किसने अपना 20 हजार का स्मार्टफोन फोन बेचकर बटन वाला फोन लिया?

मंदी है तो, किसने अपनी बड़ी कार बेचकर छोटी कार खरीद ली?

मंदी है तो किसने अपने बच्चों को महंगे स्कूल से हटाकर सरकारी स्कूल में लगवाया है?

मंदी है तो किसने  होटलोंसे खाना मंगवाना बन्द कर दिया है??

मंदी है किसने मल्टीप्लेक्स में फिल्में देखना बन्द कर दिया है?

मंदी का रोना मत रोइए, यूं कहिए ईमानदारी से कमाने में मेहनत ज्यादा करनी पड़ रही है 👌
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सवाई सिंह को ब्लॉग श्री का खिताब मिला साहित्य शारदा मंच (उतराखंड से )