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शुक्रवार, मार्च 20

जनता कर्फ्यू का वैज्ञानिक व आध्यात्मिक अर्थ - अत्यंत सूझबूझ का परिचायक

हेलो दोस्तों एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने ब्लॉग एक्टिव लाइफ पर जहां में किसी ना किसी टॉपिक पर आप से बात करने की कोशिश करता हूं जी हां आज है 20 मार्च और मैं जनता कर्फ्यू का ट्रायल कर रहा हूं अपने घर पर रहकर जी हां आज पूरे दिन मैं अपने घर पर रहकर मैं यह ट्रायल और कोशिश करूंगा कि मैं 22 मार्च के लिए कितना तैयार हूं और मुझे क्या करना चाहिए...  आपका दोस्त सवाई सिंह राजपुरोहित 
 और अब बात करते हैं भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी के जनता कर्फ्यू के बारे में उसका वैज्ञानिक और आध्यात्मिक अर्थ जानने का प्रयास करेंगे हम इस पोस्ट के जरिए तो शुरू करता हूं आज की यह पोस्ट

22 मार्च 2020
जनता कर्फ्यू का वैज्ञानिक व आध्यात्मिक अर्थ - अत्यंत सूझबूझ का परिचायक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 मार्च 2020 को घोषित जनता कर्फ्यू, कोरोना वायरस के विरुद्ध एक अत्यंत ही सूझबूझ भरा वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कदम है। आपने इस बारे में समझने की अगर कोशिश की, तो आप इस कदम में 100% प्रतिशत न केवल साथ देंगे बल्कि जब पूरे मन से और पूरे उत्साह से साथ देंगे तो अविश्वसनीय परिणाम सामने आएंगे। आइए इसको समझने की कोशिश करते हैं।

क्या आप जानते है
कि कोरोना वायरस की उम्र अलग अलग परिस्थितियों में कितनी होती है। कोरोना वायरस आम लेकिन अलग अलग परिस्थितियों में 3 से 72 घण्टे तक सक्रिय रह सकता है यानि कि उसकी उम्र इतनी ही है, वो भी अधिकतम 72 घण्टे तक, लेकिन ज़्यादातर 36 घण्टे में ये समाप्त हो जाता है। अब अगर सरकार पूरे देश को क्वारंटाइन करना चाहे या आइसोलेशन वार्ड में एडमिट करना चाहे तो क्या ये मुमकिन है, बिल्कुल नही। इसलिए बहुत समझदारी से मोदीजी और उनके सलाहकारों ने रविवार का दिन चुना, जिस दिन सभी देशवासियों को घर पर रोकना आसान है। अब इसे गौर से समझिए। जब हमें 22 तारीख को सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक जनता कर्फ्यू के रूप में घर पर रहने के लिए कहा गया है वो भी रविवार को छुट्टी वाले दिन तो इसका साफ मतलब है कि पूरे देशवासियों को 36 घंटे तक क्वारंटाइन में रहने के लिए एक समझदारी भरे निवेदन से मनाना । क्योंकि हम सब 21 मार्च की शाम या रात से अपने घर आ जाएंगे और पूरी रात घर पर ही रहते हैं जो की जाहिर सी बात ही तो है, फिर अगले दिन सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की वजह से घर पर रहेंगे और फिर उसके बाद फिर घर पर ही सो जाएंगे तो 23 मार्च सुबह जाग कर उठेंगे। इसका मतलब की 21 मार्च की रात से 23 मार्च की सुबह तक जब हम घर पर ही रहेंगे तो 36 घण्टे का हम अपने आप को घर में क्वारंटाइन निवास ही करेंगे। यानी कि कोरोना वायरस अगर कही है तो उसे, 36 घँटे के इस क्वारंटाइन वास या आइसोलेशन वार्ड जैसी स्थिति के चलते पनपने का माध्यम नही मिलेगा और वो लगभग समाप्त होने की स्थिति में पहुंच जायेगा। इस प्रकार से पूरा भारत एक वैज्ञानिक प्रयोग के माध्यम से कोरोना को हरा सकने की सशक्त स्थिति में आ जाएगा।
दूसरी तरफ जब शाम को 5 बजे, जब लोग अपनी खिड़की या दरवाजे पर खड़े होकर 5 मिनट तक थाली या ताली बजाकर उन लोगो को धन्यवाद देंगे तो ये भी एक आध्यात्मिक प्रयोग ही तो है जिसके माध्यम से प्राणाकर्षण करके कोरोना से लड़ने वालो को सशक्त व सम्बल प्रदान किया जाएगा। अंग्रेजी में इसे LAW OF ATTRACTION कहते हैं।

तो इस प्रकार श्री नरेंद्र मोदीजी की सरकार अभूतपूर्व सूझबूझ से कोरोना वायरस का जड़मूल से नाश करने का आग्रह कर रही है। इस योजना को समझने और क्रियान्वयन करने की महती आवश्यकता है।

धन्यवाद करता हूं जिसने यह पोस्ट लिखा है

 आपको बता दें अब तक भारत में 5 की मौत हो चुकी है इस वायरस से

हम सब सावधान रहें और जागरूकता के साथ कदम बढ़ाते हुए इस वैज्ञानिक और आध्यात्मिक योजना को समर्थन देते हुए इसका क्रियान्वयन में दिल से सहयोग दें।
सुगना फाउण्डेशन परिवार और राजपुरोहित समाज इंडिया टीम 
🙏🏻🙏🏻🌹🙏🏻🙏🏻

रविवार, मार्च 15

हे प्रभू ! तू भी इतना निर्दयी ? कोई शब्द नही ,

हे प्रभू ! तू भी इतना निर्दयी ?
कोई शब्द नही ,
सिवाय उलाहना ईश्वर को । 
ॐ शांति 
#कानाना


जोधपुर में शेरगढ़ क्षेत्र के बालोतरा-फलोदी मेगा हाई-वे पर सोइन्तरा गांव में हुए भीषण सड़क हादसे में दूल्हा-दुल्हन सहित 11 व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुखद एवम दुर्भाग्यपूर्ण है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं, ईश्वर से प्रार्थना है वे उन्हें इस बेहद कठिन समय में सम्बल दें एवम दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं..... 

 इस परिवार सदस्य द्वारा अंतिम सेल्फी ली गई है किसको मालूम था कि ऊपर वाला क्या रंग दिखाने वाला है आगे


 इस दृश्य को देखकर लगता है कि यह घटना कितनी दर्दनाक होगी....😭😭😭


आज की बालोतरा वाली घटना को देखकर कुछ बातें हमको हमारे जीवन मे उतार लेनी चाहिए
 मेरा हाथ जोड़कर आप सभी युवा साथीयो से अनुरोध है👏 

चाहे आप कितने भी अमीर हो और आपने कितनी भी महंगी गाड़ी खरीद रखी हो,
गाड़ी में चाहे कितने भी सिक्योरिटी फीचर्स (एयर बेग, डिस्क ब्रेकिंग, पावर स्टीरिंग , एन्टी स्किड टायर) हो,  आपकी गाड़ी को कोई नही रोक सकता अगर आप तेज रफ्तार में है तो ।
 इसलिये गाड़ी की रफ्तार हमेशा 70-80 kms से ज्यादा न रखें

क्योंकि आप 60 की स्पीड से चलोगे तो 1 मिनट में 1 किलोमीटर की दूरी तय कर सकोगे । जो कि किसी भी स्थान पर जाने के लिए आपको रवाना होने से पहले अंदाजा लग जायेगा कि 50 kms जाना है तो 50 मिनट लगेंगे

नशा करके वाहन न चलाएं
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात न करें और न ही लाईव चलाने में ध्यान दें

जल्दी निकलिए घर से, 
जल्दी नहाइये, 
जल्दी खाइए,
लेकिन सड़क पर जल्दी न करें ।

आप एक जने के इस दुनियां से चले जाने के बाद आपके ऊपर जितने भी लोग आश्रित है उन सब की भी एक तरह से आप हत्या कर देते है

करोड़ो की सम्पति, हज़ारों लोगों से इतना अच्छा व्यवहार, इतनी अच्छी सामाजिक व्यवहारिकता... सब धरी की धरी रह जाती है जब हम एक छोटी सी लापरवाही कर देते है और एक्सीलेटर पर थोड़ा सा पांव ज्यादा दबा देते है ।

अगली बार जब भी अपनी गाड़ी में बैठो, ओर एक्सीलेटर पर पांव रखो तो आप मेरी इस बात को याद रखोगे, ओर अपने बच्चों, अपनी पत्नी, अपने माँ और पिताजी के बारे में जरूर याद रखोगे 

बस इतनी सी एक प्रार्थना हैं आपसे मेरे जैसे छोटे नासमझ की👏

गुरुवार, मार्च 12

प्यारी मां की यादें ... सवाई

आज सुबह उठते ही मां की बहुत याद आने लगी सोचा दो शब्द जो कि मां की याद दिलाते हैं बचपन से वो आप सभी के साथ शेयर कर रहा हूँ कुछ दिन से अपने आप को बहुत परेशान महसूस कर रहा था लेकिन आज सुबह मां से मुलाकात सारी परेशानियां दूर कर गई ।

मुझे मेरी मां सबसे अधिक प्यार करती थी भाइयों में सबसे छोटा था इसीलिए मां सबसे ज्यादा प्यार भी करती थी और पिटाई भी सबसे कम करती थी मां अब तो इस दुनिया में नहीं है 12 साल हो गये लेकिन उनकी यादें हमेशा मेरे साथ रहती है मां की कही हर बात मुझे आज भी बहुत अच्छे से याद है और मैं जिंदगी में उस बातो को हमेशा फॉलो करता हूं जो मुझे हमेशा कुछ अच्छा करने को प्रेरित कर रहती है।

 आज जो कुछ हूं या जो कुछ बनने की कोशिश कर रहा हूं वह सिर्फ और सिर्फ मेरी पूज्य माता जी स्वर्गीय श्रीमती सुगना कंवर जी राजपुरोहित की देन है और आप ही की प्रेरणा से आज सुगना फाउंडेशन मेघलासिया सामाजिक सेवा कार्यों में संलग्न है आपकी दी हुई शिक्षा आज इस संगठन की सबसे बड़ी प्रेरणा है जो कि हर सदस्य को कुछ अच्छा करने को प्रेरित करता है।

और यह संगठन आगे भी आपकी इसी प्रेरणा पर काम करता रहेगा सामाजिक जनजीवन की खुशियों के लिए। 
श्रीमती सन्तोष राजपुरोहित अध्यक्षा सुगना फाउंडेशन मेघलासिया


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सवाई सिंह को ब्लॉग श्री का खिताब मिला साहित्य शारदा मंच (उतराखंड से )