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रविवार, जून 5

UP में महिलाओं की नाइट शिफ्ट खत्म


UP में महिलाओं की नाइट शिफ्ट खत्म सरकार का आदेश शाम 7:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक महिलाओं से ड्यूटी नहीं करा सकते हैं यह नियम सरकारी और प्राइवेट सेक्टर 29 पर नियम लागू
जो संस्थाएं इस नियम का नहीं मानेगी उनको श्रम कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.

 

शनिवार, जून 4

सात फेरे होंगे पर नहीं होगा दूल्हा 11 जून को खुद से ही शादी रचाएंगी क्षमा

 देश की पहली अनोखी शादी जिसके बारे में आपने अभी तक नहीं सुना होगा..

कुछ समय पहले मेरे ब्लॉग आज का आगरा में आपने पढ़ा था जीवन में खुश रहना है अकेले रहिए बहुत से पाठको ने उसे अपना प्यार दिया। जिसे मैंने अपने जीवन में प्रैक्टिकल अनुभव करने के बाद लिखा था और मैंने उसे अपने जीवन में फॉलो किया है। एक बार आप भी यह आर्टिकल जरूर पढ़िएगा... आप खुद से प्यार कीजिए आपको बहुत कुछ मिलेगा। अब शुरू करता हूं आज की पोस्ट.....

वैसे तो आमतौर पर शादी हमेशा दो लोगों के बीच होने वाला बंधन है लेकिन मैं आपको जिस खबर के बारे में बताने जा रहा हूं वह थोड़ा सा आपको अनोखी जरूर लगेगी लेकिन खबर 100% सत्य है जी हां हम बात कर रहे हैं गुजरात राज्य के वड़ोदरा शहर में होने वाली शादी की अब तक आपने देखी होगी बहुत सी शादिया पर यह बिल्कुल अनोखी होने वाली है शादी जी हां मैंने तो पहली बार ही सुना है बात करते हैं वड़ोदरा की एक शादी के बारे में एक शादी में दुल्हन और दूल्हा एक ही लड़की है जी हां वड़ोदरा की रहने वाली 24 वर्षीय क्षमा जिसने खुद से ही शादी करने का फैसला जो किया है और उनका पूरा परिवार भी राजी हो गया है उनकी इच्छा को पूरा करने के लिए हालांकि जो भी इस खबर को पढ़ेगा वह चौकने वाला है।

यह अनोखी शादी 11 जून 2022 को होने वाली है ओर वह खुद के साथ शादी करेंगे टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्ट के अनुसार क्षमा ने अपनी शादी के लिए लहंगे से लेकर ज्वेलरी तक सब कुछ खरीद लिया है। दुल्हन बनकर मंडप में बैठने की तैयारियां है हालांकि उसके साथ फेरे लेने के लिए दूल्हा नहीं होगा। उन्होंने हनीमून की तैयारियां भी करनी है वह अपना हनीमून गोवा में मनाने जा रही है अधिकांश लोगों के लिए अविश्वसनीय खबर हो सकती है लेकिन शादी पारंपारिक अनुष्ठान के साथ होने वाली है। श्रमा को मैंने इंस्टाग्राम पर फॉलो किया है ताकि इस शादी से जुड़े अन्य अपडेट भी मैं आप लोगों को दे सकूं। कई लोग प्यार और धोखे से इतने परेशान हो जाते हैं उन्हें मजबूरन अपने साथ ही रहना अच्छा लगने लगता है मेरे ख्याल से क्षमा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा तभी उन्होंने इतना बड़ा फैसला लेने का मन बनाया होगा। हालांकि ऐसी शादियो को कानून प्रणाली मान्यता नहीं देती है। 

खबर की पुष्टि के लिए न्यूज़पेपर के कुछ कटिंग आप लोगों के साथ शेयर कर रहा हूं।



अब आप मुझे सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर फॉलो कर सकते हैं। जहां पर हर रोज मिलेगा आपको कुछ नया ...

फिर मिलता हूं। किसी ने नई पोस्ट के साथ तब तक के लिए इजाजत दीजिए ....आपका सवाई सिंह राजपुरोहित



रविवार, मई 22

ट्रैफिक पुलिस वाले ने अपनी इंसानियत का परिचय जरूर दिया

हेलो मेरे प्यारे पाठको और प्यारे दोस्तों आप सब कैसे हैं आशा करता हूं आप सभी अच्छे होंगे आज की जो तस्वीर मैं आपके साथ साझा करने जा रहा हूं वह एक ट्रैफिक पुलिस वाले की जिन्होंने इंसानियत का परिचय दिया है कई बार हमारे आसपास में ऐसी घटनाएं होती है जिससे हम सब को प्रेरणा लेनी चाहिए होती है पर हमें भी कुछ ऐसा करने का प्रयास करना चाहिए इस पोस्ट को करने का एकमात्र उद्देश्य मेरा यही है कि कोई एक तो इससे प्रेरणा जरूर लेगा।

जल रही है जमीं जरा अपना खयाल रख।

 जूते है मेरे पास,आ तू मेरे पांव पर पांव रख।

तस्वीर पता नहीं कहां की है, लेकिन इस ट्रैफिक पुलिस रंजीत सिंह ने अपनी इंसानियत का परिचय जरूर दे दिया, ये गरीब बच्चे भरी दोपहरी में नंगे पांव थे और सड़क पार नहीं कर पा रहे थे,जब तक सड़क खाली नहीं हुई, तब तक इस पुलिस वाले ने उनके नंगे पैरों को अपने जुत्तो पर खड़े रखा, और बाद में इनको चप्पल भी दिलवाई ! सोशल मीडिया पर इस ट्रैफिक अधिकारी को खूब वाह वाही मिल रही है ! सच में सैल्यूट रंजीत सिंह सर

क्या लिखा इन्होंने अपनी सोशल मीडिया पर

ट्रैफ़िक पुलिस के इस सिपाही का नाम रंजीत सिंह है। 2 बच्चे रोड क्रॉस कर रहे थे सिग्नल बंद था बच्चे के पाँव जल रहे थे। बच्चे ने कहा- सर पाँव जल रहे हैं, रोड क्रॉस करवा दो, रंजीत ने कहा- जब तक ट्रैफ़िक रुकता नहीं मेरे पैर पर पैर रख लो” 

सिपाही रंजीत सिंह ने अपने फ़ेसबुक पर लिखा है- जैसे ही उस बच्चे ने मेरे पैरों पर पाँव रखा, मुझे ऐसा लगा जैसे भगवान ने मेरे ऊपर पाँव रख दिए। मैंने चप्पल ख़रीद के दे तो दीं पर आज का ये अहसास ज़िंदगी भर याद रहेगा..!

प्रिय पाठकों मैं चाहता हूं आप इस इंसानियत को पहचाने 

“अपने आसपास घट रही छोटी-छोटी घटनाओं से प्रेरणा व सकारात्मकता की उर्जा फैलाए और समाज और लोगों के बीच एक प्रेरणादायक संदेश आप पहुंचाने का प्रयास करें ।

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सवाई सिंह को ब्लॉग श्री का खिताब मिला साहित्य शारदा मंच (उतराखंड से )