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बुधवार, मई 12

एक जुगाड़ी ऐसा भी जो जान बचाए।

जुगाड़ तकनीक से बचाया गया छोटे से बालक को राजस्थान के जालोर जिले की यह घटना
 प्रातः तकरीबन 10 बजे जालोर जिले के सांचौर क्षेत्र के लाछङी गाँव में 90 फिट गहरे ट्यूबवेल के गढ्ढे के अन्दर 4 साल का मासूम बच्चा अनिल गिर गया। उसे 18 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मध्यरात्रि 2:30 बजे बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया गया और प्राथमिक उपचार के बाद बच्चा एकदम स्वस्थ है। 
विशेष धन्यवाद केवल गहलोत जी ,माधाराम जी सुथार, कुका मेड़ा जिनकी जुगाड़ कारगर तकनीकी से आखिरकार सफलता मिली, साथ मे प्रयास करने वाले केवल जी मथानिया, SDRF, NDRF टीम, जिला कलेक्टर, पुलिश अधीक्षक, पत्रकारों व पूर्ण जिला प्रशासन का। गांव वासियों ने आभार प्रकट किया

आप श्री केवल गहलोत जुगाङी हैं, आप अपने पैतृक गाँव मथानियाँ से लगभग 300 किलोमीटर दूर लाछङी गाँव जाकर मासूम की जान बचाई है। आपका रेस्क्यू हमेशा सफल होता है आप जोधपुर महाराजा साहब के द्वारा वीर दुर्गादास राठौङ प्रशस्ति पत्र से भी सम्मानित हो चुके है। आपने ऐसी अनेक घटनाओं को पूर्ण अंजाम दिया है। जिससे अब तक कईयों की जान बचाई गई। 


सोमवार, मई 10

आगरा मे ब्लैकमार्केटिंग स्क्वाड का गठन किया

 "ब्लैकमार्केटिंग स्क्वाड"

जिलाधिकारी आगरा के प्रयास एव स्वयं की मेहनत (दिन रात भाग दौड़) से आगरा को काफी लाभ हो रहा है। जिस तरह महामारी विकराल रूप में आयी है, उसके विरुद्ध कम समय में DM श्रीमान प्रभु एन सिंह आगरा की मेहनत के कारण काफी सफलता प्राप्त हुई है। आपने वर्तमान समय में जिस प्रकार कालाबाजारी चल रही है उस को ध्यान में रखकर एक स्क्वाड का गठन किया है आप नीचे दिए गए नंबर पर कॉल करके इस प्रकार की शहर भर में कहीं पर भी कालाबाजारी हो रही है उसकी जानकारी आप दे सकते हैं आपके द्वारा दी गई संपूर्ण जानकारी गुप्त रखी जाएगी और उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी जैसेे इस समय वैक्सीन पंजीकरण, ऑक्सीजन सिलेंडर, रेमडेसिवर इंजेक्शन, फेबिफ्लू, टाॅसिलीजुमाव व डेक्सामेथासोन दवाइयों के नाम पर ठगी करने वाले व्यक्तियों की सूचना आप आगरा पुलिस को दीजिए। 

"ठगी करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी"। 

देर आये दुरुस्त आये..... एक अच्छा कदम.....

बस एक ही ख्वाहिश कि जितनी शिद्दत से ये पहल शुरू की है उतनी ही शिद्दत से अमल भी हो. सवाई सिंह राजपुरोहित मिडिया प्रभारी सुगना फाउंडेशन 

बुधवार, अप्रैल 28

समाज और राष्ट्र के सच्चे सेवक ही ऐसा त्याग कर सकते हैंl

कोरोना महामारी से इस जंग में महाराष्ट्र नागपुर के एक 85 साल के योद्धा ने एक मिसाल पेश की है जो समाज के अन्य लोगों के लिए एक बहुत बड़ी सीख है आज सुबह अपने व्हाट्सएप पर न्यूज़पेपर की खबर को मैंने पढ़ा यह खबर पढ़कर मैं खुद आश्चर्यचकित था कि कैसे कोई व्यक्ति अपने जीवन की प्रभा ना करते हुए दूसरों के लिए अपने जीवन को निछावर कर दिया यह राष्ट्रप्रेम की भावना बहुत कम लोगों में देखने को मिलती है यहां व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए लोगों को नुकसान पहुंचा देता है इसीलिए कहते हैं जीवन में कभी किसी का साथ देने का मौका मिले तो सारथी बनना स्वार्थी नहीं मैं अपनी इस पोस्ट के माध्यम से उस महान आत्मा को सादर श्रद्धांजलि देना चाहता हूं । 

खबर नागपुर से हैं जहां एक अस्पताल में महिला को रोता हुआ देखकर उसके पति के लिए अपना बेड दे दिया। उनका कहना था कि मैं अपना जीवन जी चुका हूं  “मैं 85 वर्ष का हो चुका हूँ, जीवन देख लिया है, लेकिन अगर उस स्त्री का पति मर गया। तो बच्चे अनाथ हो जायेंगे, इसलिए मेरा कर्तव्य है कि मैं उस व्यक्ति के प्राण बचाऊं।'' ऐसा कह कर कोरोना पीड़ित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवक श्री नारायण जी ने अपना बेड उस मरीज़ को दे दिया। 

"खुद से पहले दूसरे, यही संघ की परंपरा"

 'संघ की परंपरा ही खुद से पहले दूसरों के कल्याण की रही है। स्वर्गीय श्री नारायण जी ने जो किया, वह एक स्वयंसेवक की प्राथमिक पहचान है।' संघ अपने स्वयंसेवकों को हमेशा यही सिखाता है जिसे सबसे ज्यादा जरूरत हो उसे सबसे पहले उपलब्ध करवाया जाए अर्थात प्राथमिकता दी जाए और यही स्वर्गीय श्री नारायण जी ने किया।

दूसरे व्यक्ति की प्राण रक्षा करते हुए श्री नारायण जी तीन दिन बाद इस संसार से विदा हो गये। समाज और राष्ट्र के सच्चे सेवक ही ऐसा त्याग कर सकते हैं, आपके पवित्र सेवा भाव को प्रणाम! 

  सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग स्वर्गीय नारायण जी की आत्मा की शांति की प्रार्थना के साथ उनके त्याग की सराहना कर रहे हैं।

आप समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। दिव्यात्मा को विनम्र श्रद्धांजलि। भगवान आपकी आत्मा को बैकुंठ में अपने चरणों में स्थान दे ओर परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें सुगना फाउंडेशन परिवार की तरफ से सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं ओम शांति शांति शांति 

ॐ शांति!

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सवाई सिंह को ब्लॉग श्री का खिताब मिला साहित्य शारदा मंच (उतराखंड से )