जय गोमाता जय गोपाल
एक विशेष सूचना
प्रदेश के सभी गौ भक्तों के लिए प्रसन्नता का विषय है की छत्तीसगढ़ प्रदेश शासन में संयुक्त रूप से पंचायत विभाग कृषि पशुपालन विभाग और गौ सेवा आयोग के द्वारा एक विशेष कार्य की घोषणा आज की गई है
प्रदेश के सभी गौशालाओं में निवास कर रही गायों को ₹25 की जगह ₹35 प्रतिदिन के आधार पर पोषण राशि दी जाएगी गौशालाओं को अतिरिक्त फंड दिया जाएगा 2000000 की जगह 3500000 सालाना प्रत्येक गौशालाओं को मिलेगा जिसमें सेड निर्माण दवाई प्रशिक्षण के लिए अतिरिक्त फंड दिया जाएगा
साथ ही हरा घास उत्पादन के लिए सभी गौशालाओं को 10 एकड़ की जमीन शासन के द्वारा लीज में दी जाएगी जो निशुल्क होगी हरा चारा उत्पादन के लिए बोर खनन और विद्युत व्यवस्था भी दी जाएगी
प्रदेश में नए गौशाला खोलने हेतु प्रोत्साहन दिया जाएगा साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में गौठान गौ स्थानों में एक सेड का निर्माण पेयजल के लिए पंप एवं टंकी की व्यवस्था साथ ही बाउंड्री वाल भी किया जाएगा
हर गांव में गोचर भूमि पर जो अतिक्रमण हुआ है उसे छुड़ाने के लिए तत्काल सरकार कदम उठाएगी और गोचर भूमि में कब्जा करने वालों पर कड़ी कार्यवाही कर उस जमीन को मुक्त कराया जाएगा
ताकि गौमाता वहां विचरण कर सके
स्मरण रहे कुछ दिन पहले ही महात्यागी श्री राम बालक दास जी संरक्षक राज्य गौ सेवा आयोग ने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात करके इस बारे में विशेष चर्चा की थी साथ ही प्रदेश भर में विभिन्न सभा सम्मेलनों में इसके लिए आवाज उठाया गया अंततः गौ भक्तों की मांग पर छत्तीसगढ़ सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है जिसके लिए छत्तीसगढ़ शासन को हम सभी गौ भक्त धन्यवाद ज्ञापित करते हैं
जय गौ माता जय गोपाल
पूज्य गुरुदेव श्री राम बालक दास जी महात्यागी
संरक्षक राज्य गौ सेवा आयोग छत्तीसगढ़
आपका स्वागत "एक्टिवे लाइफ" परिवार में..........
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गुरुवार, मई 17
छत्तीसगढ़ में गौशालाओं एवं गोपालन के लिए बनाई गई महत्वपूर्ण योजना
शुक्रवार, मार्च 30
1अप्रैल को "अप्रैल फुल " बनाने के बजाय एक पेड़ लगाकर "अप्रैल कूल" बनाए।
सभी सम्मानित सदस्यो से निवेदन है कि 1अप्रैल को "अप्रैल फुल " बनाने के बजाय एक पेड़ लगाकर "अप्रैल कूल" बनाए । आप की एक छोटी सी मुहिम धरती को "कूल " बनाने मे मदद कर सकती है ।
आपका अपना सवाई सिंह राज पुरोहित
मीडिया प्रभारी सुगना फाउंडेशन
सोमवार, जनवरी 29
जानवर है पर दुसरी जाती के जानवर के बच्चे को उस जाती के दरिंदे जानवर से लङ कर बचाया
जानवर है, पर दुसरी जाती के जानवर के बच्चे को
उस जाती के दरिंदे जानवर से लङ कर बचाया )।
फिर सहलाया गोदी में दुलारा ।
जब खाना मिला तो पहले उसे खिलाया ।
जाती और मजहब के नाम पर जानवरो से भी बदतर बने इंसान कम से कम इस जानवर से कुछ सिख ले.... सुगना फाउंडेशन
प्रिय मित्रों,
आज के समय में सबसे विस्तृत क्षेत्र है, व्यवहार जगत। इस क्षेत्र में तो मनुष्य को अधिकाधिक सावधान तथा संयमित रहना चाहिए। यही वह क्षेत्र है जिसमें मनुष्य के असभ्य व्यवहारी होने की सबसे अधिक सम्भावना रहती है।
आजकल विश्वासघात, दगाबाजी और वचनाघात अर्थात् कुछ कहना, कुछ करना, जो कुछ कहना उसे पूरा न करना एक सामान्य-सा चलन बन गया है। विश्वासघात अथवा वचनघात को पाप के स्थान पर चतुरता मानी जाने लगी है। लोग दूसरे के साथ विश्वासघात कर अपने को होशियार समझने लगे हैं। सोचते हैं कि काम बनाने को लोगों को इसी प्रकार बेवकूफ बनाया जाता है, जबकि अपने दिये वचन का पालन न करना, विश्वास देकर पूरा न करना बहुत ही भयानक पाप है।
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